#Physico #brothers

इस कहानी की सुरुआत कुछ इस तरह से होती है-

1 NGO के द्वारा खोला गया सुधार गृह जिसमे लोग आ के अपने बारे मे, अपनी दुख दर्द, अपने गलत कामो पे पछतावे पर बाते करते है ओर खुद को बेहतर इंसान बनाने की कोशिश करते है ,उस कमरे में टेबल लैंप जल रही है,टेबल के चारो तरफ 3,4 खाली कुर्सियां भी पड़ी है 2 बुजुर्ग 60 ,70 साल के जो कि जेल से कुछ दिन पहले ही छूट कर आये है ,रोज की तरह अपने किये हुये कर्मो के बारे में बता रहे है, उन दोनों के पास में एक 20 साल की लड़की बैठी है जो अपनी बड़ी बहन के साथ आई है एक नवजवान जो बैठा सुन रहा है बुजुर्ग लोग अपनी बातें बता ही रहे थे कि उस लड़की की बड़ी बहन बात काटते हुए बीच मे ही बोल उठी ……1 बुड्ढे ने देखा कि उसकी आँखें अंदर की ओर धसी हुई है आखो के चारो तरफ कला घेरा बना हुआ है बहोत परेसान ,होठ काप रहे जैसे कुछ जल्दी में बोलना चाह रही हो ,बाल उलझे हुए …. वो बोली कि – मैने ड्रग्स के नशे में आ के सब कुछ बर्बाद कर लिया , अपने हस्बैंड को मार दिया ,मेरा बच्चा मुझसे दूर रहता है मै ड्रग्स छोड़ना चाहती हु लेकिन अब मेरा शरीर इसका आदी बन चुका है मेरी बहन ही मेरा सहारा है ,आप सब लोगों के बाच आ के अपना दुख दर्द बाट लयेती हुं तो कुछ सुकून मिलता है …. ये बोल ही रही थी कि .. रूम का गेट खुलता है ओर एक 25 साल का लड़का , ब्लैक सूट, टाई, स्मार्ट लुक के साथ पहोचता है सब उसको दयेख रहे है उसके चेहरे पर 2,3 कटे हुए के निशान पड़े हैं ,वो बोलता है … हेल्लो एवरीवन मेरा नाम प्रभुज्योत है …प्रभुज्योत नंदा …. Next time…

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